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एबीपी-सी वोटर सर्वे: बंगाल में सीएम के लिए ममता की पहली पसंद 52%, लेकिन 40% चाहते हैं दीदी के गुस्से में बदलाव

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने में ज्यादा समय नहीं बचा है। जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार को बचाने के लिए जोर लगा रही है, वहीं लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी हर कदम पर कोशिश कर रही है। बंगाल के मतदाताओं के दिल में क्या है? किसके सिर पर सत्ता का ताज चढ़ेगा, यह तो चुनाव के नतीजे के बाद ही पता चलेगा, लेकिन एक सर्वे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए अच्छी खबर है।

एबीपी-सी वोटर सर्वे के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में उभरी हैं। राज्य के 52% लोग चाहते हैं कि ममता बनर्जी एक बार फिर सीएम बनें। इस सर्वेक्षण के तहत 7527 लोगों से टेलीफोन करके उनकी राय पूछी गई है। दीदी के अलावा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली सीएम पद के लिए तीसरे सबसे पसंदीदा चेहरे के रूप में उभरे हैं। घोष 25 और गांगुली को 4% लोगो सीएम के रूप में देखना चाहते हैं।

इसके अलावा, सर्वेक्षण में शामिल 40% लोग दीदी के गुस्से में बदलाव चाहते हैं। राज्य के 50 प्रतिशत लोग ममता के काम से खुश हैं। वहीं, 32% लोगों का कहना है कि दीदी का काम अच्छा नहीं था। सर्वेक्षण में शामिल 17% लोगों ने औसत के रूप में अपने काम का मूल्यांकन किया। चुनाव से पहले ममता लगातार मोदी सरकार पर हमला करती नजर आ रही हैं।

टूल किट मामले में 22 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिश रवि की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को दीदी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। ममता ने कहा कि भाजपा के आईटी सेल पर कार्रवाई होनी चाहिए, जो पूरे देश में झूठ फैलाने का काम करता है।

ममता बनर्जी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकारी नीतियों का विरोध करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करना उचित है। बीजेपी को सबसे पहले अपने आईटी सेल के खिलाफ शिकंजा कसना चाहिए, जो झूठ फैलाने में लगा हुआ है। ये दोहरे मापदंड क्यों अपनाए जा रहे हैं।

बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के आईटी सेल के सदस्य लोगों को बुला रहे हैं और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता होने का बहाना करके उनकी पार्टी की छवि को धूमिल कर रहे हैं। इस पर उन्होंने कोलकाता पुलिस को ध्यान देने के लिए कहा है।



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