जब लालू प्रसाद ने कहा, मेरे जन्म से पहले अंग्रेज भाग गए थे, उन्होंने कहा, आरएसएस के लोग माफी मांग कर जेल से बाहर आए

जब लालू प्रसाद ने कहा, मेरे जन्म से पहले अंग्रेज भाग गए थे, उन्होंने कहा, आरएसएस के लोग माफी मांग कर जेल से बाहर आए

चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव अपनी वाक्पटुता के लिए मशहूर रहे हैं। जब भी वह संसद सदस्य के रूप में खड़े होते थे, तो विपक्षी नेता उनके भाषण पर मुस्कुराना नहीं रोक पाते थे। जब हम यहां बात कर रहे हैं, तो उनका दस साल पुराना एक साक्षात्कार था जब उन्होंने कहा कि अंग्रेज पैदा होने से एक साल पहले देश छोड़कर भाग गए थे।

इसके बाद लालू यादव इंडिया टीवी के लोकप्रिय शो ‘आप की अदालत’ में पहुंचे। यहां एंकर रजत शर्मा ने उनसे कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। 2011 के प्रसिद्ध अन्ना आंदोलन पर भी लालू यादव से सवाल पूछे गए थे। बाबा रामदेव के खिलाफ कार्रवाई पर भी सवाल पूछे गए थे। एंकर ने सवाल पूछा था कि ऐसा माना जाता है कि लालू यादव की वजह से लोकपाल बिल पास नहीं हो सका। राजद नेता ने इसे मानने से इनकार कर दिया।

यह पूछने पर कि उन्होंने लोकपाल बिल पर हंगामा किया क्योंकि वह कांग्रेस के इशारे पर काम कर रहे थे। जवाब में लालू यादव कहते हैं- हम भ्रष्टाचार के खिलाफ जेपी आंदोलन से पैदा हुए हैं। MISA के तहत एक साल की हिरासत में रहा। लालू ने कहा कि आरएसएस और भाजपा के कई नेता भी पकड़े गए। उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन सभी माफी मांगते हुए जेल से बाहर आ गए। जेपी जी ने कहा था … दोस्तों जेल भरने के लिए। जेल से स्वराज मिला। अंग्रेज जेल से भाग चुके हैं।

शो में लालू यादव आगे कहते हैं- मैंने लोकसभा में भाषण दिया कि मेरा जन्म वर्ष 1948 में हुआ था और मेरे डर के कारण 1947 में ही अंग्रेज गायब हो गए थे। लालू यादव के शो पर मौजूद सभी लोग जोर-जोर से हंसने लगे।

वीडियो यहाँ देखें

गौरतलब है कि चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार गबन मामले में सजा काट रहे राजद नेता लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को फिर स्थगित कर दी गई। इस मामले की सुनवाई झारखंड उच्च न्यायालय में होने वाली थी और लालू के अधिवक्ताओं ने राजद नेता को जमानत मिलने और उन्हें देर शाम तक न्यायिक हिरासत से रिहा करने की उम्मीद की थी, लेकिन मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने लालू की न्यायिक के लिए अपने वकील को दी। हिरासत अवधि ने एलके के दावे पर सवाल उठाया और कहा कि लालू को केवल 37 महीने, 12 दिनों के लिए हिरासत में लिया गया है। इसके बाद, न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई अगले सप्ताह के लिए स्थगित कर दी, जो अब 19 फरवरी को होने की संभावना है।

अदालत ने लालू प्रसाद और सीबीआई से राजद नेता की न्यायिक हिरासत अवधि की सत्यापित प्रति मांगी। लालू के वकील कपिल सिब्बल वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दिल्ली से अदालती कार्यवाही में उपस्थित हुए। उन्होंने दावा किया कि उनके मुवक्किल ने जेल में 42 महीने पूरे कर लिए हैं।

वहीं, सीबीआई ने कहा कि दुमका मामले में अब तक राजद नेता को हिरासत में 37 महीने और 12 दिन पूरे हो चुके हैं। अदालत ने तब दोनों को हिरासत अवधि पर फैसला देने के लिए कहा। इससे पहले, संबंधित मामले में लालू की जमानत याचिका पर 29 जनवरी को सुनवाई होनी थी, लेकिन जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, पीठ ने कहा कि राजद नेता द्वारा दायर किए गए कागजात समय पर उनके पास नहीं पहुंचे। पीठ ने इसके बाद सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की। (इनपुट सहित)



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

मिथुन राशि वालों को आज सही निर्णय लेना चाहिए

मिथुन राशि वालों को आज सही निर्णय लेना चाहिए

राशिफल आज (आज का राशिफल) 06 मार्च: मेष राशि: आपका स्पष्ट और निडर रवैया आपके दोस्त को नाराज कर सकता है। स्थिर धन मिलेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। आपके बच्चे आपको खुश रखने के लिए जो भी करेंगे, करेंगे। आपके प्रेम संबंधों में एक जादुई एहसास है, इसकी सुंदरता को महसूस करें। संतोषजनक […]

म्यांमार में तानाशाही

म्यांमार में तानाशाही

दुनिया भर के सभी नागरिक अधिकारों का निर्णय सत्तारूढ़ सरकार के साथ-साथ उस देश की सेना और पुलिस विभाग के सहयोग से तय किया जाता है। यही नहीं, अत्याचार करने में वह सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। जिस तरह से सेना और पुलिस इन दिनों म्यांमार के लोगों का नरसंहार कर रही है, क्या हम […]